न्यूज डेस्क (समरजीत अधिकारी): Bhirbhum Violence Case: बीते 21 मार्च को रामपुरहाट के पास बोगटुई गांव में हमलावरों ने कई घरों पर पेट्रोल बम (Petrol Bomb) से हमला किया, जिसमें आठ लोगों को जिंदा जला दिया गया, जबकि एक हफ़्ते बाद एक और शख़्स ने दम तोड़ दिया। इस हमले को स्थानीय टीएमसी नेता भादु शेख (TMC leader Bhadu Sheikh) की कुछ घंटे पहले हुई हत्या के बदले के तौर पर देखा गया।
भगवा भाजपा पार्टी पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा कि रिपोर्ट में टीएमसी बीरभूम के जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल (TMC Birbhum district president Anubrata Mandal) के नाम का जिक्र है, जो कि साफतौर पर भाजपा के प्रतिशोधी रवैये को दिखाता है।
मीडिया से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि- “बोगटुई हत्याओं पर भाजपा की रिपोर्ट कमजोर है और ये जांच में सीधा दखल देगी। मैं भगवा पार्टी के इस रवैये की निंदा करती हूं। जब जांच चल रही हो तो किसी भी (राजनीतिक) पार्टी या किसी भी पक्ष से कोई दखल नहीं होना चाहिये। जांच स्वतंत्र और निष्पक्ष होनी चाहिये। इस समय पार्टी का दखल ताकत का गलत इस्तेमाल माना जायेगा, जो कि जांच की दिशा भटका सकता है। इससे लोगों को छानबीन और जांच से भरोसा उठ जायेगा”
टीएमसी पार्टी के कई सहयोगियों ने सीबीआई (CBI) के साथ सहयोग का वादा किया। बता दे कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हत्याओं की जांच सीबीआई को सौंपी है। टीएमसी ने साफ किया कि अगर भाजपा सीबीआई की जांच को प्रभावित करने की कोशिश करती है तो बड़े पैमाने पर आंदोलन होगें।
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि- उन्होंने मेरे जिला अध्यक्ष के नाम का जिक्र किया। ये पक्षपातपूर्ण और प्रतिशोधी रवैया है। जांच पूरी किये बिना वो उनका नाम कैसे ले सकते हैं? ये दिखाता है कि वो (भाजपा) उन्हें गिरफ्तार करना चाहते हैं। ये व्यक्तिगत प्रतिशोध है। वो साजिश रच रहे हैं”
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) के आदेश के मुताबिक मामले की छानबीन को आगे बढ़ाया जा रहा है। बता दे कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित एसआईटी (SIT) पहले मामले की जांच कर रही है।