एजेंसियां/न्यूज डेस्क (वृंदा प्रियदर्शिनी): तालिबान (Taliban) के अगुवाई वाले अफगानिस्तान के सूचना और संस्कृति उप मंत्री जबीउल्लाह मुजाहिद ने पंजशीर प्रांत (Panjshir Province) में मानवाधिकारों के उल्लंघन की खबरों का खंडन किया। खामा प्रेस न्यूज एजेंसी (Khama Press News Agency) ने दावा किया कि जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि तालिबान लड़ाके पंजशीर प्रांत में किसी भी तरह के युद्ध अपराध में शामिल नहीं हैं।
मुजाहिद ने आगे कहा कि मानवाधिकार पर्यवेक्षकों (Human Rights Observers) को पंजशीर प्रांत का दौरा करने और सभी आरोपों की जांच करने की अनुमति दी जायेगी। मानवाधिकार पर्यवेक्षकों का इस्तेमाल दुश्मन की मनगढ़ंत जानकारी फैलाने और निष्पक्ष कार्रवाई करने के लिये नहीं किया जाना चाहिए।
15 अगस्त को काबुल की नागरिक सरकार के पतन के बाद पंजशीर प्रांत एकमात्र विद्रोहियों का गढ़ बना रहा, जहां दिवंगत पूर्व अफगान गुरिल्ला कमांडर अहमद शाह मसूद (Guerrilla Commander Ahmed Shah Masood) के बेटे अहमद मसूद की अगुवाई में तालिबानी ताकतों से लोहा लिया जा रहा था। पंजशीर अहमद मसूद और अमरुल्ला सालेह के अगुवाई वाले नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (National Resistance Front) का गढ़ रहा है, जिन्होंने खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया था।