नई दिल्ली (शौर्य यादव): दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना (Delhi Lieutenant Governor VK Saxena) ने दिल्ली आबकारी नीति (Delhi Excise Policy) जांच के सिलसिले में मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) और एक आईएएस अधिकारी के घर समेत 22 ठिकानों पर सीबीआई (CBI) की छापेमारी के कुछ घंटों बाद बीते शुक्रवार (19 अगस्त 2022) को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (National Capital Delhi) के 12 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। सक्सेना ने बिना कोई कारण बताये अधिकारियों के ट्रांसफर/पोस्टिंग/असाइनमेंट को नोटिफाई करते हुए एक आधिकारिक आदेश जारी किया।
इन अधिकारियों का किया गया ट्रांसफर
जितेंद्र नारायण (एजीएमयूटी: 1990)
अनिल कुमार सिंह (एजीएमयूटी: 1995)
विवेक पांडे (एजीएमयूटी: 2003)
शूरबीर सिंह (एजीएमयूटी: 2004)
गरिमा गुप्ता (एजीएमयूटी: 2004)
आशीष माधराव मोरे (एजीएमयूटी: 2005)
उदित प्रकाश राय (एजीएमयूटी: 2007)
विजेंद्र सिंह रावत (एजीएमयूटी: 2007)
कृष्ण कुमार (एजीएमयूटी: 2010)
कल्याण सहाय मीणा (एजीएमयूटी: 2010)
सोनल स्वरूप (एजीएमयूटी: 2012)
हेमंत कुमार (एजीएमयूटी: 2013)
एलजी सक्सेना ने अब खत्म हो चुकी आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।दिल्ली आबकारी नीति नवंबर 2021 में शराब माफिया (Liquor Mafia) को जड़ से खत्म करने, राजस्व बढ़ाने और शराब पीने वालों के अनुभव को बढ़ाने के इरादे से शुरू की गयी थी। इस नीति के तहत दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने खुद को शराब बेचने के कारोबार से बाहर कर दिया था और निजी क्षेत्र को शराब बेचने के लिये लाइसेंस दिया गया था। इसके तहत दिल्ली को 32 जोनों में बांटा गया, जिसमें हर वार्ड में 2-3 शराब की दुकानें होंगी। इस नीति की वज़ह से राजस्व में 27 फीसदी की इज़ाफा हुआ, इसी नीति को एलजी सक्सेना की सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद रद्द कर दिया गया था।
मनीष सिसोदिया ने बीते शुक्रवार (19 अगस्त 2022) को कहा कि उनके पास छिपाने के लिये कुछ नहीं है क्योंकि वो किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार (Modi government) दिल्ली सरकार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विकास लाने से रोकने की पुरजोर कोशिश कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि सीबीआई के अधिकारियों ने उनका निजी मोबाइल फोन, कंप्यूटर और कुछ दस्तावेज जब्त किये हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal) ने कहा कि ये कथित छापा न्यूयॉर्क टाइम्स (New York Times) में एक आर्टिकल के पब्लिश होने की टाइमिंग के साथ मेल खाता है, जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में आप सरकार के काम की तारीफ की गयी थी। उन्होंने कहा कि सिसौदिया दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मंत्री हैं और सीबीआई जांच से कुछ भी आपत्तिजनक नहीं निकलेगा।